अब इंटरनेशनल मार्केट में बिकेगा कश्मीर का 'मुशकबुदजी' चावल, मिला GI Tag
अपने ख़ुशबू के लिए मशहूर कश्मीर का 'मुश्क बुदजी' चावल, अब इंटरनेशनल मार्केट में बिकने के लिए तैयार है। दरअसल, अनंतनाग के सगम इलाक़े का फार्मरस प्रोडक्ट ऑर्गेनाइजेशन (FPO), सगम मुश्कबुदजी फार्मर्स प्रोड्यूसर्स कंपनी लिमिटेड को इक्सपोर्ट और इंपोर्ट का लाइसेंस मिल गया है। ये FPO इक्सपोर्ट और इंपोर्ट लाइसेंस हांसिल करने वाला जम्मू-कश्मीर का पहला FPO बन गया है, जो अपनी फसलों को विदेशी बाज़ारों में बेक सकेगा।
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जम्मू-कश्मीर: अपने ख़ुशबू के लिए मशहूर कश्मीर का 'मुश्क बुदजी' चावल, अब इंटरनेशनल मार्केट में बिकने के लिए तैयार है। दरअसल, अनंतनाग के सगम इलाक़े का फार्मरस प्रोडक्ट ऑर्गेनाइजेशन (FPO), सगम मुश्कबुदजी फार्मर्स प्रोड्यूसर्स कंपनी लिमिटेड को इक्सपोर्ट और इंपोर्ट का लाइसेंस मिल गया है। ये FPO इक्सपोर्ट और इंपोर्ट लाइसेंस हांसिल करने वाला जम्मू-कश्मीर का पहला FPO बन गया है, जो अपनी फसलों को विदेशी बाज़ारों में बेक सकेगा। इस FPO को जुलाई 2019 में किसान उत्पादक कंपनी के रूप में शामिल किया गया था। जिसका उद्देश्य चावल की इस खु़शबूदार किस्म को बढ़ावा देना और देश भर में इसके प्रचार और बिक्री की सुविधा प्रदान करना है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के 9 प्रोडक्ट्स में हुआ शामिल
FPO को एक्सपोर्ट और इंपोर्ट लाइसेंस मिलने से, अब मुश्क बुदजी चावल के किसानों के लिए विदेशी बाजारों का रास्ता खुल गया है। जिसके नतीजतन उनकी पैदावार को अब बेहतर कीमत मिल सकेगी। नाबार्ड के डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट मैनेजर, रौफ ज़रगर ने बताया कि "कॉर्पोरेट और थोक व्यापारी सीधे किसानों के बजाय FPO के साथ व्यापार करना पसंद करते हैं। FPO को बड़े पैमाने पर फसल का कारोबार करने की वजह से फाएदा होता है, क्योंकि वे सैकड़ों किसानों का प्रतिनिधित्व करते हैं और बिचौलियों की दख़ल-अंदज़ी को कम करते हैं। इसके अलावा, मुश्कबुदजी चावल को जियोग्राफिकल इंडिकेशन यानि (GI) जीआई टैग प्राप्त करने के वाले, जम्मू-कश्मीर और लेह के नौ प्रोडक्ट्स की लिस्ट में शामिल किया गया है।
चावल मिल बनाने के लिए मिलेगी ज़मीन
अपनी शुरुआत के बाद से ही, FPO एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट की तरफ से चलाई जा रहीं बहुत सी योजनाओं का फाएदा मिलता रहा है। इसके अलावा, जिला प्रशासन वर्तमान में सगम इलाके में चावल मिल लगाने के लिए FPO को ज़मीन देने की योजना बना रहा है।
बाहरी मुल्क़ों ने दिखाई थी दिलचस्पी
मौजूदा वक़्त पर FPO में 200 से ज़्यादा मुश्कबुदजी किसान जुड़े हुए हैं। जो अपनी फ़सल का एक बड़ा हिस्सा सीधे FPO के जरिए बेचते हैं। हाल ही में, श्रीनगर में हुए गल्फ़ इन्वेस्टमेंट समिट में भी FPO शामिल हुआ था। जिसमें UAE और बाक़ि देशों के इन्वेस्टर्स ने दिलचस्पी दिखाई थी।