टमाटर की कीमतों में भारी उछाल, उधमपुर के किसान ख़ुशहाल
जम्मू-कश्मीर में टमाटर की कीमतों ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौजूदा वक़्त में टमाटर की क़ीमत 150 रुपये प्रति किलोग्राम के साथ आसमान छू रही हैं। वहीं उधमपुर में किसान इस बात से बेहद खुश हैं क्योंकि इस बार उन्हें भारी मुनाफ़ा हुआ है।
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जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर में टमाटर की कीमतों ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौजूदा वक़्त में टमाटर की क़ीमत 150 रुपये प्रति किलोग्राम के साथ आसमान छू रही हैं। वहीं उधमपुर में किसान इस बात से बेहद खुश हैं क्योंकि इस बार उन्हें भारी मुनाफ़ा हुआ है।
फ़सल की बढ़ती हुई इन क़ीमतों से बढ़ने वाले मुनाफ़े ने, सालों से परेशानियों का सामना कर रहे किसानों को उम्मीद की किरण दिखी है। उधमपुर जिले में चेनानी ब्लॉक के बैन गांव के किसान, मोहम्मद असलम भट इस सीजन में हुए मुनाफे़ से खु़श हैं।
हांलाकि, बे-मौसम बारिश की वजह से उनकी टमाटर की फ़सल का कुछ हिस्सा बर्बाद हो गया था। लेकिन बाकि बची हुई फसल पर उन्हें वाजिब दाम मिले और उन्हें ख़ासा मुनाफ़ा भी हुआ।
उन्होंने बताया कि 20 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है जब उन्होंने पर क्रेट 3000 रुपये कमाए हैं। जोकि पहले सिर्फ़ 150-200 रुपये पर क्रेट होती थी।
टमाटर की कीमतों में अचानक आए इस उछाल की वजह मार्केट में टमाटर की कमी मानी जा सकती है। क्योंकि पहले कम कीमतों की वजह से बहुत से किसानों ने टमाटर की खेती बंद कर दी थी।
और टमाटर की कम सप्लाई और लगातार बढ़ती डिमांड के चलते टमाटरों की क़ीमत में भारी उछाल देखने को मिला है।
मोहम्मद असलम भट जैसे किसान, अब अपने बाकि किसान साथियों और नौजवानों को मौजूदा माहौल को देखते हुए, किसानी के काम पर ध्यान देने के लिए जोर दे रहे हैं।
उधमपुर में टमाटर के किसानों की हालिया तरक्की की कहानी, बाकि किसानों का हौंसला मज़बूत कर रही है।
किसानों को उम्मीद है कि टमाटर की खेती में आगे भी मुनाफा मिलेगा। और इलाक़े के किसानों को लंबे वक़्त तक मुनाफ़ा देगी।
किसान अपनी इस "लाल मणि" खुश हैं और भरपूर मुनाफे का लुत्फ उठा रहे हैं। उन्हें इस बात की तसल्ली है कि आख़िरकार उनकी कड़ी मेहनत सफल हुई।
उम्मीद की जा रही है कि उधमपुर में टमाटर के किसानों का आने वाला कल की बेहतर होगा। जो आगे भी ऐसे मुनाफ़ा का इंतेज़ार कर रहे हैं।
बैन गांव में 500 से ज़्यादा किसान पिछले कई सालों से टमाटर और सब्जियों की खेती कर रहे हैं, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब उन्हें अपनी फ़सल से भारी मुनाफा मिला है।