Jammu and Kashmir : अक्सर मुद्दों पर एक दूसरे का विरोध करने वाले सियासी विरोधी नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी रिजर्वेशन पॉलिसी को लेकर एकमत नजर आ रहे हैं. दरअसल, श्रीनगर से मिनिस्टर ऑफ पार्लियामेंट और नेशनल कॉन्फ्रेंस के सीनियर नेता आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी सोमवार को अपनी ही सरकार के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन में शामिल हुए...
बता दें कि छात्रों का यह प्रदर्शन रिजर्वेशन पॉलिसी को लेकर है. हायर और मेडिकल एजुकेशन में स्टूडेंट्स रिजर्वेशन पॉलिसी में बदलाव को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. श्रीनगर में आज इस प्रदर्शन में सांसद आगा रूहुल्लाह मेहदी के अलावा पीडीपी लीडर इल्तिजा मुफ्ती और पुलवामा के MLA वहीद उर रहमान पर्रा भी शामिल हुए. और नौजवानों के साथ यकजेहती का इज़हार किया.
गौरतलब है कि रिज़र्वेशन पॉलिसी में बदलाव असेंबली चुनाव से पहले की गई थी. इसके तहत जनरल कैटेगरी का कोटा 40 फीसद कर दिया गया, जबकि रिज़र्व कैटेगरी के लिए 60 फ़ीसद सीटें निर्धारित कर दी गई. बता दें कि आगा रूहुल्लाह ने चंद दिनों पहले X पर लिखे एक पोस्ट में कहा था कि लोग 22 दिसंबर तक इंतेज़ार करें. अगर सरकार उस वक्त तक मामले को हल नहीं करती तो 23 दिसंबर को वो मुख्यमंत्री के आवास या सीएम ऑफिस के बाहर प्रदर्शन में शामिल होंगे...
दूसरी तरफ CM उमर अब्दुल्लाह इस प्रदर्शन पर अपना रिएक्शन देते हुए कहा कि हुकूमत इस मामले को संजीदगी से ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसे लेकर कैबिनेट का एक सब कमेटी गठित की जा चुकी है और जल्द ही तमाम स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत का अमल शुरू होने जा रहा है.
इसी दौरान, रिज़र्वेशन पॉलिसी को हाईकोर्ट में भी चैलेंज किया गया है. मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कहा कि कानूनी मराहिल पूरा होने पर हुकूमत अदालत के फैसले की पाबंद होगी. सीएम ने प्रदर्शनकारियों को यकीन दिलया कि इस मसले को हल करने में हुकूमत संजीदा है और नौजवानों की मांगों को नज़रअंदाज़ नहीं करेगी...
अल्ताफ बुखारी ने बताया ड्रामा
वहीं, जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी के चीफ अल्ताफ बुखारी ने रिज़र्वेशन पॉलिसी को लेकर आग़ा रूहुल्लाह मेहदी के प्रदर्शन को सियासी ड्रामा करार दिया है. उन्होंने कहा कि "सियासी तौर लोग इतने समझदार हैं कि वो लीडरान की कोशिशों और सियासी तमाशों में फ़र्क कर सकें. उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दों पर अपनी सरकार से बात करने के बजाए प्रदर्शन करना सियासी तमाशे के सिवा कुछ नहीं है."
अल्ताफ़ बुख़ारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि "यह अवाम की समझदारी की तौहीन है कि एक मेंबर ऑफ पार्लियामेंट अपनी पार्टी के अध्यक्ष से बराहे रास्त बात करने के बजाए उनके खिलाफ खत लिखे और पार्टी कमान के खिलाफ मौकिफ अख्तियार करे..."