Jammu and Kashmir : जम्मू-कश्मीर के होनहार पैरा-एथलीट जहांगिर ने स्पेशल ओलंपिक वर्ल्ड विंटर गेम्स 2025 में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है. इटली में आयोजित इस मशहूर टूर्नामेंट में, जहांगिर ने 50 मीटर स्नोशूइंग (M4) इवेंट में यह कामयाबी हासिल की.
उनकी इस उपलब्धि पर जम्मू-कश्मीर और पूरे देश में गर्व की लहर दौड़ गई है. वापसी पर, जहांगिर का जोरदार स्वागत किया गया, जहां अधिकारी, खेल प्रेमी और शुभचिंतक उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए इकट्ठा हुए.
कश्मीर चैप्टर ऑफ स्पेशल ओलंपिक्स भारत की प्रोजेक्ट ऑफिसर, डॉ. फातिमा शाहीन ने जहांगिर की इस कामयाबी की तारीफ की. उन्होंने समावेशिता और सभी के लिए समान अवसरों के महत्व पर जोर देते हुए कहा, "जहांगिर की उपलब्धि खास तौर पर specially-abled खिलाड़ियों के लिए उम्मीद की रौशनी है."
जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल के अधिकारियों ने जहांगिर की इस कामयाबी को इलाके के लिए एक अहम पल बताया. उन्होंने खासतौर से सक्षम व्यक्तियों के बीच प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए ट्रेनिंग, बुनियादी ढांचे और अंतर्राष्ट्रीय प्लेटफार्म्स तक पहुंच मुहैया करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.
जहांगिर की इस जीत ने न केवल कश्मीर को विश्व स्तर पर स्थापित किया है, बल्कि विकलांगता के साथ जी रहे अनगिनत महत्वाकांक्षी एथलीटों को भी प्रेरित किया है. आज पूरा जम्मू-कश्मीर उनके करियर की जर्नी (Journey) और इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मना रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारतीय एथलीटों की इस उपलब्धि पर गर्व जाहिर किया है. उन्होंने कहा, "मैं हमारे एथलीटों पर अत्यंत गर्व महसूस करता हूं जिन्होंने इटली में आयोजित स्पेशल ओलंपिक वर्ल्ड विंटर गेम्स में देश का गौरव बढ़ाया है. हमारी अद्भुत टीम ने 33 पदक जीते हैं. वे संसद में खिलाड़ियों के दल से मिले और उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें बधाई दी."
जहांगिर की इस ऐतिहासिक जीत ने न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे भारत में specially-abled एथलीटों के लिए नए रास्ते खोले हैं. उनकी कहानी इस बात का प्रमाण है कि समर्पण, समर्थन और अवसर के साथ, कोई भी बाधा असंभव नहीं होती.