Jammu and Kashmir : साउथ कश्मीर के अनंतनाग जिले के दांतर गांव में CRPF की 40वीं बटालियन ने अपने सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत एक मुफ्त मेडिकल कैंप का आयोजन किया. इस पहल का मकसद स्थानीय निवासियों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराना और लोगों के स्वास्थ्य में सुधार करना था.
कैंप में अनुभवी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम ने लोगों का हेल्थ चेकअप किया. उन्होंने मरीजों को मुफ्त दवाएं दीं और जरूरी मेडिकल सलाह भी दी. इस मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हुए, जिन्होंने इस सेवा का लाभ उठाया.
40वीं बटालियन के कमांडेंट ने इस मौके पर CRPF की प्रतिबद्धता को दोहराया. उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ सुरक्षा कर्तव्यों के अलावा स्थानीय जनता की सेवा के लिए भी समर्पित है. उन्होंने कम्यूनिटी वेल्फेयर और स्वास्थ्य संबंधी पहलों को जारी रखने का आश्वासन दिया.
स्थानीय निवासियों ने सीआरपीएफ के इस प्रयास की तारीफ की. उन्होंने वक्त पर मिली चिकित्सा सहायता के लिए आभार व्यक्त किया. इस आयोजन ने सुरक्षा बलों और जनता के बीच संबंधों को मजबूत किया है, जिससे सीआरपीएफ की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है.
यह पहली बार नहीं है जब सीआरपीएफ की 40वीं बटालियन ने इस तरह की पहल की है. पिछले साल, उन्होंने अनंतनाग जिले के गुंड जाफर गांव में भी एक फ्री मेडिकल कैंप का आयोजन किया था, जिसमें स्थानीय लोगों को मुफ्त दवाएं और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गई थीं. इसके अलावा, उन्होंने मोंघल गांव में भी ऐसा ही कैंप आयोजित किया था, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को लाभ हुआ था.
सीआरपीएफ की ऐसी पहलों से स्थानीय समुदाय में विश्वास और सहयोग की भावना बढ़ती है. इन कार्यक्रमों से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ती है, बल्कि सुरक्षा बलों और जनता के बीच संबंध भी मजबूत होते हैं.
आगे भी, सीआरपीएफ की 40वीं बटालियन इस तरह के कार्यक्रमों के जरिए समुदाय की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है. उनका मकसद न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना है, बल्कि समाज के समग्र विकास में योगदान देना भी है.
स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित होते रहेंगे, जिससे समुदाय के स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार होगा. सीआरपीएफ की इस पहल ने एक बार फिर साबित किया है कि वे न केवल देश की सुरक्षा में, बल्कि समाज की भलाई में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.