Udhampur Bio-Gas Plant: ऊधमपुर की इस पंचायत के लोगों को मिलेगी फ्री गैस, ऊधमपुर को मिला पहला बायो गैस प्लांट...

Written By Vipul Pal Last Updated: Dec 03, 2023, 12:48 PM IST

Jammu and Kashmir: भारत सरकार की गोबरधन योजना के तहत जम्मू-कश्मीर में बायो-गैस प्लांट लगाए जा रहे हैं. इन प्लांट्स के जरिए प्रदेश की जनता को स्वच्छ ऊर्जा यानि गैस पहुंचाई जाएगी. इसी कड़ी में ऊधमपुर जिले को अपना पहला बायो गैस संयंत्र मिलने वाला है. 

ऊधमपुर की कंबल डांगा पंचायत के वार्ड नंबर- 7 मोंगरी में गोबरधन योजना के तहत पहला बायो गैस प्लांट शुरू होने वाला है. सरकार की यह पहल अपशिष्ट प्रबंधन में क्रांति लाने और समुदाय के लिए स्वच्छ, हरित ईंधन के स्रोत पर जोर देती है. 

गौरतलब है कि इस प्लांट का ट्रायल रन कामयाब रहा है. ट्रायल के दौरान इलाके के 21 से ज्यादा घरों में पाइपलाइन बिछाई गईं थी. ट्रायल रन कामयाब रहा. इससे साफ हो जाता है कि 21 लाख की अनुमानित लागत के साथ तैयार हुआ ये गैस प्लांट जल्द ही चालू होने वाला है. इस प्लांट के जरिए जिले में  स्वच्छ ऊर्जा और हरित क्रांति आएगी.           

आपको बता दें कि ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस प्रोजेक्ट का मकसद गाय और भैंस के गोबर से बायोगैस तैयार करना है. जिसका इस्तेमाल घरों में ईंधन (Fuel) के तौर पर किया जा सके.

वहीं, इस प्रोजेक्ट को तैयार करने में ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की मदद करते हुए ऊधमपुर जिला प्रशासन ने भी अहम भूमिका निभाई है. जिले में शुरू की गई ये पहल भारत सरकार के स्वच्छ ऊर्जा और स्वच्छ भारत मिशन के मुताबिक है. 

इसके अलावा ऊधमपुर जिले के कंबल डांगा पंचायत हलके के सरपंच शशि पाल ने इस बायो-गैस प्लांट के लिए सरकार का शुक्रिया अदा किया. उन्होंनेकहा कि गोबरधन योजना के कार्यान्वयन के लिए हमारी पंचायत को चुनने के लिए हम भारत सरकार के आभारी हैं. शशि पाल ने कहा कि भारत सरकार की गोबर्धन योजना के तहत हमारी पंचायत में पहला बायो गैस प्लांट लगा है. उन्होंने कहा कि प्लांट तैयार है और ट्रॉयल रन पर चालू है. उन्होंने बताया कि सबसे पहले हमने इलाके के 20-21 घरों तक गैस पाइप लाइन बिछाई और उन्हें खाना पकाने के लिए मुफ्त गैस उपलब्ध कराई. 

शशि पाल ने कहा कि हमारे पंचायत के निवासियों को इस बायो गैस प्लांट के जरिए बहुत से फायदे मिलते हैं. पहला फायदे ये है कि उन्हें मुफ्त गोबर गैस मिलती है. दूसरा बायो गैस उत्पन्न करने के बाद गाय के गोबर का बचा हुआ अपशिष्ट लोग अपने खेत में जैविक खाद के तौर पर इस्तेमाल करते हैं. किसान इस जैविक खाद के जरिए यूरिया फ्री मौसमी फसलें और सब्जियां उगाते हैं. तीसरा मुफ्त गैस उन्हें गैस सिलेंडर की कीमतों से राहत देती है क्योंकि उन्हें मुफ्त गैस मिलती है.

इसके अलावा उन्होंने कहा कि इससे किसान प्रधानमंत्री के किसानों की आय दोगुनी करने के मिशन के सपने को पूरा करने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम अपनी पंचायत में अधिक से अधिक बायो गैस संयंत्र स्थापित करने का प्रयास करेंगे ताकि हमारी पूरी पंचायत को हरित और सुरक्षित रसोई गैस मिल सके...